न्यास का प्रबंध:
न्यास का प्रबंधन संस्थापक सह मुख्य न्यासी द्वारा गठित प्रबंध समिति द्वारा किया जाएगा।
जिसमें पदाधिकारी सहित तीन सदस्य होंगे। प्रबंध समिति का कार्यकाल 3 वर्षों का होगा किंतु
आवश्यक पड़ने पर परिस्थिति में उत्पन्न होने पर संस्थापक/न्यासकर्ता को यह अधिकार होगा कि
वह प्रबंध समिति को भंग कर नया प्रबंध समिति गठित कर ले।
विशेष परिस्थिति में प्रबंध समिति में किसी व्यक्ति को भरने का अधिकार संस्थापक सह मुख्य
न्यासी को होगा जो शेष अवधि के लिए मनोनीत किए जायेंगे। न्यास के उद्देश्य की पूर्ति हेतु न्यास के
अधिकार निम्नलिखित होंगे:
- 1. दान, चंदा, अनुदान, ऋण, सदस्यता, शुल्क सहयोग राशि, धन-संपत्ति, व्यक्ति विशेष, संस्थान,
स्वेच्छक संगठन, न्यास और सरकार से प्राप्त करना और जनहित में कार्यक्रम संचालित करना।
- 2. समय-समय पर न्यास के कोष/निधि का उपयोग न्यास के उद्देश्य की पूर्ति हेतु करना।
- 3. न्यास के उद्देश्य पूर्ति हेतु राजीव गांधी फाउंडेशन बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, नाबार्ड,
कपार्ट, विश्व बैंक या एशियन डेवलपमेंट बैंक, अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय संगठनों, विश्व स्वास्थ्य
संगठन या संगठनों के दान, अनुदान एवं ऋण प्राप्त करना।
- 4. न्यास के कोष/निधि का उपयोग समाज के उत्थान एवं उनकी कल्याण के कार्यक्रमों में प्रयोग किया
जाएगा।
- 5. न्यास के कोष/निधि से अर्जित चल/अचल संपत्ति किराये/लीज/पट्टे पर लेना एवं देना।
- 6. न्यास के प्रतिनिधित्व करने हेतु प्रतिनिधि/परामर्शदाता नियुक्त करना/अधिकृत करना।
- 7. न्यास के उद्देश्य की पूर्ति हेतु पूर्णकालीक/अंशकालीक, वैतनिक / अवैतनिक अधिकारियों को
लापरवाही के लिए दंडित करना और नियुक्ति रद्द करना।
- 8. न्यास के उद्देश्य और नियमावली में आवश्यकतानुसार संशोधन करना।
- 9. अन्य किसी न्यास ट्रस्ट संगठन संस्थान से संबंध होना संवाद करना और उद्देश्य की पूर्ति करना।
- 10. न्यास का स्थानांतरण/हस्तानांतरण करना या देना।
- 11. न्यास की संपत्ति, कोष/निधि समान उद्देश्य वाले संस्थान/स्वेच्छिक संगठन, न्यास/ट्रस्ट को
देना।
- 12. न्यास के उद्देश्य की पूर्ति हेतु आवश्यकतानुसार समाज के कल्याणार्थ
राज्य/जिला/प्रखंड/पंचायत शाखासमिति गठित करना और उद्देश्य के अनुरूप कार्यक्रम संचालित करना और
राज्य/केंद्र सरकार को कार्यक्रम संचालन में सहयोग प्रदान करना।
- 13. न्यास के आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना और वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर आय-व्यय की लेखा का
अंकेक्षण करना हेतु अंकेक्षण की नियुक्ति करना।
- 14. न्यास के प्रबंध समिति के सदस्यों का निर्वाचन करना और प्रबंध समिति गठित करना।
- 15. न्यास के सदस्यों की संख्या कम से कम 3 होगी और अधिक से अधिक 5 होगी।
- 16. संस्थापक/न्यासकर्ता को अतिरिक्त न्यासी को मनोनीत करने का अधिकार होगा। उनका कार्यकाल
संस्थापक/न्यासकर्ता द्वारा तय किया जाएगा।।
- 17. संस्थापक/न्यासकर्ता को समय_समय पर नियम बनाने परिवर्तन और संशोधन का अधिकार होगा। न्यासी
के बैठक में कोरम नियासी की उपस्थिति से होगा एवं सभी निर्णय संवधान के अंतर्गत लिए जाएंगे।