मंदिर निर्माण कार्य

श्री वांके बिहारी सेवा संस्थान मंदिर निर्माण कार्य

हम गर्व के साथ सूचित करते हैं कि श्री वांके बिहारी सेवा संस्थान के तत्वावधान में मंदिर का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। यह पवित्र स्थल अब श्रद्धालुओं के लिए खुला है और भक्ति, सेवा व आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक बन गया है।

निर्माण की विशेषताएं:
  • मंदिर निर्माण में प्राचीन स्थापत्य कला और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय किया गया है।
  • भगवान श्री वांके बिहारी जी की भव्य मूर्ति मुख्य आकर्षण है।
  • भक्तों के लिए पूजा-अर्चना और सत्संग के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
  • पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को हरा-भरा और स्वच्छ रखा गया है।
संस्थान का उद्देश्य:

श्री वांके बिहारी सेवा संस्थान का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागृति फैलाना, धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना तथा सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना है।

आपका सहयोग:

इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं और कार्यकर्ताओं का हार्दिक आभार। आपकी निःस्वार्थ सेवा और समर्पण से यह कार्य संभव हो पाया है।

आप सभी से अनुरोध है कि मंदिर परिसर में पधार कर श्री वांके बिहारी जी के दर्शन करें और इस दिव्य अनुभव का लाभ उठाएं।

जय श्री वांके बिहारी जी!

सेवा में, श्री वांके बिहारी सेवा संस्थान

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मिनरल वॉटर प्लॉट

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हर बूंद से जीवन का संचार

श्री वांके बिहारी सेवा संस्थान का 'बाटर प्रोजेक्ट' समाज के उन क्षेत्रों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है, जहां लोग अब भी पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। हमारा उद्देश्य न केवल स्वच्छ जल प्रदान करना है, बल्कि जल संरक्षण और जागरूकता के माध्यम से समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना भी है।

हमारे प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
  • स्वच्छ पेयजल उपलब्धता:
    • ग्रामीण और शहरी वंचित क्षेत्रों में नल कनेक्शन और हैंडपंप की स्थापना
    • पानी के टैंकरों के माध्यम से संकटग्रस्त क्षेत्रों में जल आपूर्ति
  • बाटर हार्वेस्टिंग:
    • वर्षा जल संग्रहण प्रणाली का निर्माण
    • स्कूलों, समुदाय केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर जल संचयन की व्यवस्था
  • जल संरक्षण जागरूकता:
    • जल उपयोग और बचाव के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
    • स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर कार्यशालाओं और अभियानों का आयोजन
  • जल गुणवत्ता परीक्षण:
    • नियमित रूप से जल स्रोतों की जांच और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना
    • जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर
हमारा लक्ष्य:

हर व्यक्ति को स्वच्छ पेयजल तक पहुंच का अधिकार है। हम इस मिशन के माध्यम से न केवल समुदायों के स्वास्थ्य को सुरक्षित कर रहे हैं बल्कि उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बना रहे हैं।

आप कैसे मदद कर सकते हैं:
  • जल प्रबंधन और जागरूकता अभियानों में भाग लें।
  • जल परियोजना के विस्तार के लिए आर्थिक योगदान दें।
  • जल संचयन तकनीकों के प्रचार में सहयोग करें।
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रेडिमेड एंड गारमेंट प्रोजेक्ट

"हर व्यक्ति का हक है गरिमामयी जीवन जीने का"

श्री वांके बिहारी सेवा संस्थान के "रेडिमेड एंड गारमेंट प्रोजेक्ट" का उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को नए एवं उपयोगी कपड़े उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत हम उन लोगों की मदद करते हैं जिनके पास पर्याप्त साधन नहीं हैं कि वे खुद के लिए गरिमामय वस्त्र जुटा सके।

हमारे प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
  • कपड़ों का वितरण:
    • बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए गुणवत्तापूर्ण रेडीमेड कपड़ों का निःशुल्क वितरण
    • विशेष अवसरों जैसे त्योहारों और शादियों के लिए भी कपड़े उपलब्ध कराना
  • स्थानीय कारीगरों को सहयोग:
    • महिलाओं और युवाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाता है
    • स्थानीय कारीगरों से तैयार वस्त्र खरीदकर रोजगार का समर्थन
  • पर्यावरण संरक्षण:
    • उपयोग में लाए जा सकने वाले पुराने कपड़ों का पुनः उपयोग करके कचरा प्रबंधन में योगदान
    • स्थिरता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना
हमारी प्रेरणा:

हर व्यक्ति को गरिमा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। हम न केवल जरूरतमंदों को कपड़े उपलब्ध कराते हैं बल्कि आत्मनिर्भरता और सामुदायिक विकास को भी प्रोत्साहित करते हैं।

आपकी भागीदारी से बदलाव संभव:

हम आपकी मदद से इस मिशन को और प्रभावशाली बना सकते हैं। आपकी छोटी-सी मदद से किसी के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती है।

कैसे जुड़ें:
  • कपड़ों का दान करें (नए या उपयोगी स्थिति में पुराने कपड़े)
  • सिलाई और प्रशिक्षण कार्यशालाओं में योगदान दें
  • आर्थिक सहायता प्रदान करें ताकि हम अधिक लोगों तक पहुंच सकें

आपकी सहायता से किसी के जीवन में बदलाव की नई उम्मीद जगाई जा सकती है। आइए, इस नेक पहल में हमारे साथ जुड़ें।

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सांझा चूल्हा

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सांझा चूल्हा एक लोकप्रिय सांस्कृतिक प्रथा है जो विशेष रूप से ग्रामीण भारत में देखी जाती है। यह एक सामाजिक पहलू है जिसमें कई परिवार या समुदाय एक साथ मिलकर भोजन तैयार करते हैं और खाते हैं। यह प्रथा सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देती है।

सांझा चूल्हे का विचार यह है कि लोग अपने घरों में खाना बनाने की बजाय एक स्थान पर एकत्र होकर मिलजुल कर खाना पकाते हैं। इस प्रथा के दौरान, लोग न केवल भोजन का आदान-प्रदान करते हैं बल्कि एक-दूसरे से संवाद करते हुए सामाजिक रिश्ते भी मजबूत करते हैं।

यह प्रथा खासकर त्योहारों या विशेष अवसरों पर अधिक प्रचलित होती है। इससे न केवल खाना पकाने का काम साझा होता है, बल्कि यह लोगों के बीच भाईचारे और परस्पर सहयोग की भावना भी उत्पन्न करता है।

सांझा चूल्हे का संबंध भारतीय ग्रामीण जीवन की सरलता, सहनशीलता और एकता से है। यह समाज में समरसता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण पहलू है।

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हमारी संस्था कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिनसे बिहार में विकास और बदलाव आएगा हम चाहते हैं कि आप भी इन परियोजनाओं का हिस्सा बनें और हमारे साथ मिलकर बिहार के विकास में योगदान दें